Tuesday, November 14, 2006

मेरी प्रेयसी

सकुचाई सी शरमाई सी
अनजाने मे मुस्काई भी
मेरी प्रेयसी

मेनका भी सावित्री भी
हृदय मे समाई सी
मेरी प्रेयसी

कल्पना सी स्वप्न सी
दृष्टि मे अदृश्य भी
मेरी प्रेयसी

कठोर भी कोमल भी
जीवन मे प्रेरणा सी
मेरी प्रेयसी

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